21 दिन से लदाख में सिर्फ पानी और नमक खाकर आमरण अनशन करने वाले सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है दरअसल जिसमे उन्होंने बताया है की कल का दिन बहुत खास था, आमतौर पर ऐसा नहीं होता है, लेकिन कल न केवल एक आदमी उनके पास आया और उसने उन्हें पत्र दिया, बल्कि एक और सज्जन आए, जिन्होंने खुद को जांच के लिए वहां मौजूद केंद्रीय एजेंसियों में से एक अधिकारी के रूप में अपना परिचय दिया, हलांकि सोनम वांगचुक ने वीडियो में साफ़ साफ़ कहा है की वो उनका नाम नहीं बताएंगे। आगे सोनम वांगचुक ने उस व्यक्ति के बारे में कहा की वह उनके काम के बहुत बड़े समर्थक है साथ ही वह बहुत उत्साह से उनके काम का समर्थन भी करते है फिर अंत में जाने से पहले उन्होंने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही उनका कहना था कि इन दिनों सोनम वांगचुक को व्रत के कारण स्वास्थ्य का बहुत अच्छी तरह से ध्यान रखना चाहिए, लेकिन इतना ही नहीं उनको अपनी सुरक्षा का भी बहुत ध्यान रखना चाहिए।
साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक को एक उद्धारण दिया और कहा की इन दिनों कुछ भी हो सकता है, आप कभी नहीं जानते कि आप शाम को घर जा रहे होंगे या आप लद्दाख से बाहर यात्रा कर रहे होंगे और दुर्घटना की व्यवस्था बन जायेगी, जो की उनके जीवन के लिए जोखिम है साथ ही उनको घर से कभी अकेले बहार नहीं जाना चाहिए बल्कि हमेशा अपने साथ दो लोग रखने चाहिए न ही कभी भी कार में अकेले यात्रा करनी चाहिए। जिसके बाद सोनम वांगचुक ने वीडियो में कहा की अब वो वास्तव में मरने से नहीं डरते, उन्हें लगता है कि वास्तव में यह उनके साथ और देश के साथ हुई सबसे अच्छी चीजों में से एक हो सकता है, क्युकी इस देश में जहां लोग सो रहे हैं वहाँ ऐसा कुछ होने से उन्हें उनकी नींद से जगा सकता है। साथ ही उनका कहना है की अगर उनको कुछ हो जाए तो लोग शायद ये देख सकेंगे कि यह देश कैसे चल रहा है और इस देश को बचाने के लिए प्रत्येक नागरिक को क्या करने की जरूरत है। आगे उन्होंने कहा की उन्हें इस तरह से मरने में सबसे ज्यादा खुशी होगी, वास्तव में उनका सबसे बड़ा डर किसी बीमारी के कारण बिस्तर पर मरना या बुढ़ापे में मरना है,और कभी-कभी मौतें वास्तव में क्रांति का एक हिस्सा बन जाती है और यह हो सकता है की ये उनके साथ होने वाली सबसे अच्छी बात हो।