बता दे की मुगलिया सल्तनत के बादशाह अकबर के जीवन की सबसे बड़ी समस्या यही रही कि अपने तीन बेटो में से किसे अपना वारिस चुनें और अकबर को जब बादशाह बनाया जाता है, तो उनके छोटे भाई मिर्जा हाकिम को यह रास नहीं आता।
वहीं इतिहास इस बात को न दोहराए इसलिए अकबर फैसला करते हैं कि मुगलिया तख्त का वारिस उसकी काबिलियत देख कर चुना जाएगा और सबसे पहले पैदा होना किसी इंसान को ताज पहनने का हकदार नहीं बना सकता है। अकबर के इस फैसले के बाद तीनों बेटों के बीच इस बात की दावेदारी शुरु हो जाती है कि तख्त का असली वारिस कौन होगा ? बड़ा बेटा सलीम हमेशा नशे में धुत हरम की कनीज के साथ अय्याशी में डूबा रहता है।
साथ ही आपको बता दे की मझिला बेटा मुराद बहादुर है, उसे लड़ाई के सारे तौर तरीके पता है, लेकिन उसके अंदर रहम नहीं है और सबसे छोटा बेटा दनियाल पांचों वक्त का नमाजी है और समलैंगिक है।जी 5 की नई वेब सीरीज ‘ताज डिवाइडेड बाय ब्लड’ की शुरुआत युवा अकबर से होती, कई जंग फतह करने के बाद उसके जीवन में सिर्फ एक ही कमी है और वह है वारिस की। तीन तीन निकाह करने के बाद अकबर को कोई औलाद नहीं, वह शेख सलीम चिश्ती से मिलते से दुआ करने की अपील करते हैं। शेख सलीम चिश्ती का किरदार धर्मेंद्र ने निभाया है।
.वहीं 10 एपिसोड की इस सीरीज में धर्मेंद्र सिर्फ पहले एपिसोड में सिर्फ इसी किरदार के लिए हैं। अकबर के बारे जितना आम लोग जानते हैं, उससे यह सीरीज काफी अलग है। अकबर की कोशिश यही रहती है कि किसी तरह से सलीम को अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो, मुराद रहमदिल बने और दानियाल लड़ाई के तौर तरीके को समझ सके, लेकिन अकबर की अपेक्षाओं पर कोई भी खरा नहीं उतरता है।