कोरोना काल में शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर हो चुके 300 से अधिक बच्चों को सरकारी शिक्षा से जोड़ने के लिये रामनगर के पुछड़ी क्षेत्र में देर रात एक विशेष अभियान चलाया गया | कोसी नदी के किनारे सैंकड़ों की संख्या में मजदूर परिवार रहते हैं | कोरोना काल में उसके बाद पिछले साल अक्टूबर में आयी बाढ़ के कारण इन परिवारों के सैंकड़ों बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित हो गए | जिसके बाद रचनात्मक शिक्षक मण्डल उत्तराखण्ड की ओर से इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नवम्बर में इस क्षेत्र में दो सांयकालीन स्कूल खोले गए सावित्रीबाई फुल और ज्योतिबा फुले सांयकालीन स्कूलों से वर्तमान में इस क्षेत्र के 350 से अधिक बच्चे जुड़ चुके हैं | जनसहयोग से चल रहे इन स्कूलों में 5 स्थानीय युवाओं कि ओर से बच्चों को निशुल्क अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है | वहीँ अभियान संयोजक नवेन्दु मठपाल के अनुसार देर रात तक चले इस अभियान के दौरान अभिवावकों को शिक्षा के महत्व को समझाने के साथ साथ सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सभी सुविधाओं से उनको अवगत कराया गया |
इस दौरान अभिवावकों ने जनजागरूकता अभियान चला रही टीम को आश्वस्त किया कि इस क्षेत्र के सभी बच्चों को अवश्य ही स्कूल भेजा जाएगा | पिछले दिनों इस क्षेत्र के आसपास चल रहे स्कूलों में बच्चों के एडमिशन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकरसांयकालीन स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं की पहल पर स्थानीय लोगों ने विधायक दीवान सिंह बिष्ट और खण्ड शिक्षा अधिकारी वंदना रौतेला को भी ज्ञापन सौंपा था | जिसके बाद खण्ड शिक्षा अधिकारी की ओर से इस क्षेत्र के सभी स्कूलों को इन बच्चों के तत्काल एडमिशन का आदेश दिए गए |
Date: 24-अप्रैल-2022
Penned by Reeta joshi