उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर….. शासन ने राजनीतिक दलों को राहत दे दी है…..वहीं व्यापारियों को भी बाजार खुलने की अवधि बढ़ाकर राहत दी गई है….. जिसके चलते अब राजनीतिक दल….. खुले स्थान पर कोविड के नियमों का पालन करते हुए… एक हजार व्यक्तियों की सभा कर सकेंगे……. बशर्ते यह संख्या मैदान की क्षमता का 50 प्रतिशत हो……वहीं, रात्रि कर्फ्यू में भी दो घंटे की ढील देते हुए….. इसकी समय सीमा अब रात 11 बजे से लेकर…..सुबह पांच बजे तक कर दी गयी है…. वहीँ पहले यह समय सीमा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक थी….. आपको बता दे कि……कोरोना संक्रमण की रोकथाम के देखते हुए…… राज्य में 11 फरवरी तक बढ़ाए गए….. कोविड प्रतिबंध की मानक प्रचालन कार्यविधि यानी SOP में यह छूट दी गई है….. वहीँ भारत निर्वाचन आयोग की ओर से यह छूट….. प्रदान किए जाने के बाद शासन ने भी इसे एसओपी में समाहित किया है….इस दौरान शासन की ओर से जारी….. SOP के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के क्रम में….राजनीतिक दल सभागारों में भी बैठकें कर सकते हैं……इसके लिए सभागार की क्षमता के 50 प्रतिशत या….. अधिकतम 500 व्यक्तियों को भाग लेने की अनुमति होगी….. वहीँ पहले यह संख्या 300 निर्धारित थी….. ऐसे में SOP के अनुसार राज्य में राजनीतिक रैली, धरना-प्रदर्शन, रोड शो, बाइक रैली जैसे आयोजनों को 11 फरवरी तक अनुमति नहीं होगी…..हालाकी आंगनबाड़ी से लेकर…..नौवीं तक की कक्षाएं अगले आदेशों तक बंद रहेंगी….. वहीँ 10 से 12 वीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति……शासन ने विद्यालयी शिक्षा विभाग के अनुसार…… जारी आदेशों के तहत प्रदान की है…. इस दौरान स्वीमिंग पूल, वाटर पार्क 11 जनवरी तक बंद रहेंगे…. साथ ही मनोरंजन, शैक्षिक और…. सांस्कृतिक समारोह भी नहीं होंगे…. जबकि जिम, शापिंग माल, सिनेमा हाल, होटल, रेस्टोरेंट , ढाबे, स्पा, सैलून, थिएटर, आडिटोरियम, सभाकक्ष, खेल संस्थान, स्टेडियम और…..खेल मैदान 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे….. वहीँ विवाह समारोह में स्थल के 50 प्रतिशत क्षमता के साथ….. व्यक्तियों को शामिल होने की अनुमति होगी….इस दौरान डोर-टू-डोर प्रचार में 10 के बजाए 20 लोगों को साथ लेकर जा सकेंगे… जबकि इनडोर मीटिंग में भी……300 के बजाए 500 लोग शामिल हो सकते हैं….
राज्य में जारी हुई SOP, किसको कितनी मिली छूट ?