उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में एक शादीशुदा महिला और उसके पति पर 20 वर्षीय युवक की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने इस घटना को और भी भयावह बना दिया है।पुलिस के अनुसार बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी विजय निषाद (20) पुत्र इंद्रपाल 8 मई को घर से हमीरपुर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। 10 मई को परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विजय का हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव निवासी किरन नाम की एक शादीशुदा महिला से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब आठ महीने से संबंध थे और वे लगातार संपर्क में रहते थे।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि किरन का पति कामता गुजरात में नौकरी करता था। पत्नी और विजय के संबंधों की जानकारी मिलने के बाद वह नौकरी छोड़कर गांव लौट आया। इसके बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगा।पुलिस के मुताबिक पति-पत्नी ने मिलकर विजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 8 मई को किरन ने फोन कर विजय को अपने घर बुलाया। आरोप है कि घर पहुंचते ही पहले से मौजूद कामता ने लकड़ी की चौखट से विजय के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।हत्या के बाद आरोपी दंपती ने शव को घर में छिपाकर रखा। जब शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई तो गर्मी के कारण शव के हाथ-पैर अकड़ चुके थे। ऐसे में आरोपियों ने बाजार से ग्राइंडर मशीन खरीदी और शव के अंगों को काटकर अलग किया।
पुलिस के अनुसार शव के टुकड़ों को बोरे में भरकर आरोपी कानपुर क्षेत्र के रेडना थाना क्षेत्र के तहरापुर गुरैया जंगल में पहुंचे। वहां पेट्रोल डालकर शव को आग के हवाले कर दिया गया ताकि कोई सबूत न बच सके।इतना ही नहीं, आरोपियों ने विजय का मोबाइल फोन, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और चश्मा भी नष्ट कर अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिया, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।आरोपियों को लगा कि उन्होंने सभी सबूत मिटा दिए हैं, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने विजय के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला कि विजय और किरन के बीच लगातार बातचीत होती थी।पुलिस ने जब किरन से संपर्क करने की कोशिश की तो उसके व्यवहार पर संदेह हुआ। इसके बाद गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पति-पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव के अवशेष, हत्या में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल फोन, ग्राइंडर मशीन और लकड़ी की चौखट बरामद की है।पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।प्रेम-प्रसंग, हत्या और फिर सबूत मिटाने के लिए अपनाए गए तरीके ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र जल्द न्यायालय में दाखिल किया जाएगा।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश करें, लेकिन तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्य अक्सर सच को सामने ले ही आते हैं।