बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना ने महाराष्ट्र के जालना जिले का दौरा कर बच्चों और ग्रामीण इलाकों से जुड़ी समस्याओं को समझने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की और बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
आयुष्मान ने एक लड़की का पत्र पढ़ा, जिसमें बताया गया था कि असुरक्षित सड़कों की वजह से कई लड़कियां स्कूल छोड़ने को मजबूर हो रही हैं। बच्चों की इन परेशानियों को देखकर अभिनेता भावुक हो गए।
आयुष्मान ने कहा कि अगर देश के बच्चे परेशान हैं, तो देश तरक्की नहीं कर सकता। उन्होंने ग्रामीण भारत की समस्याओं पर चिंता जताते हुए कहा कि देश की बड़ी आबादी गांवों में रहती है, इसलिए गांवों का विकास बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा, “जब छोटे बच्चे जागरूक होते हैं और शिक्षा के जरिए अपनी बात रखते हैं, तो हमें लगता है कि हमारा देश आगे बढ़ रहा है।”
आयुष्मान ने आने वाली पीढ़ी के लिए समाज को ज्यादा जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर गांव और प्राथमिक स्तर पर बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो इसका असर पूरे देश की तरक्की पर पड़ता है।
बता दें कि आयुष्मान खुराना UNICEF इंडिया के नेशनल एंबेसडर हैं। वह बच्चों के अधिकार, ऑनलाइन सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों को लेकर लगातार जागरूकता फैलाते रहे हैं।
जालना दौरे के दौरान उनका फोकस भी बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य पर रहा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित और बेहतर माहौल तैयार करना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।