नीट एग्जाम स्कैम को लेकर लगातार बड़ी खबरें सामने आर रही हैं। दरअसल इसे बड़े पैमाने पर किया गया स्कैम बताया जा रहा है और इसको लेकर देशभर में हंगामा चल रहा है। वही रिपोर्ट के मुताबिक, नीट स्कैम की जांच और कार्रवाई की मांग के लिए कई सारे उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी नीट में शामिल होने वाले उम्मीदवारों ने याचिका दायर की है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या नीट एग्जाम रद्द होगा या फिर नहीं? हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मामले की सुनवाई जुलाई में की जाएगी। वहीं कई संस्थानों ने भी इस पर प्रश्न चिन्ह लगाया है।
साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने NEET Scam को लेकर NTA पर आरोप लगाया है की निगेटिव मार्किंग के बावजूद उम्मीदवारों ने 718-719 मार्क्स हासिल कैसे कर लिए?एनटीए ने कहा कि उन्होंने उन लोगों को ग्रेस मार्क्स दिए हैं, जिन्हें एग्जाम के दौरान समय नहीं मिल पाया था। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग की है। साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) का कहना है की मामले की चांज सीबीआई करे वरना देशभर में हड़ताल किया जाएगा।
दरअसल नीट रिजल्ट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक साथ 67 टॉपर्स ने रैंक 1 हासिल की है। जिसकी वजह से टॉपर की लिस्ट पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसमें सीरियल नंबर, रोल नंबर, नाम, मार्क्स और रैंक के साथ गड़बड़ी का आरोप लगाया जा रहा है। आरोप है कि इसमें जो रोल नंबर शामिल है वे सभी रोल नंबर एक ही सेंटर या आस पास के सेंटर के हैं। हालांकि इस बारे में एनटीए ने कहा कि इस साल पिछले कई सालों से सबसे ज्यादा उम्मीदवारों ने नीट में भाग लिया था। यह भी एक कारण है कि टॉपर्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही एग्जाम के दौरान जिन उम्मीदवारों का नुकसान हुआ था उन्हें उनकी भरपाई की गई थी।