इन दिनों सोशल मीडिया पर ‘जॉम्बी ड्रग’ को लेकर एक वायरल वीडियो ने लोगों के बीच काफी डर और अफवाह का माहौल बना दिया था। वीडियो में एक शख्स को लंबे समय तक सड़क किनारे असामान्य हालत में खड़ा और अजीब तरह से व्यवहार करते हुए दिखाया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि वह किसी खतरनाक नशे यानी ‘जॉम्बी ड्रग’ के असर में है। यह वीडियो तेजी से शेयर होने लगा और लोगों के बीच चिंता बढ़ने लगी। मामला जब बेंगलुरु तक पहुंचा तो बेंगलुरु सिटी पुलिस ने तुरंत इसकी जांच शुरू की। पुलिस ने बागलूर थाना क्षेत्र की मदद से वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को येलहंका स्थित Nitte Meenakshi Institute of Technology के पास से ढूंढ निकाला और उसकी मेडिकल जांच कराई। जांच रिपोर्ट में साफ सामने आया कि उस व्यक्ति के शरीर में किसी भी तरह का नशीला या साइकोट्रॉपिक पदार्थ मौजूद नहीं था। पुलिस ने बताया कि वह व्यक्ति आर्थराइटिस से पीड़ित है और डॉक्टर की दवा के साथ शराब का सेवन करने की वजह से उसकी हालत वीडियो में असामान्य नजर आई।
इस पूरे मामले की जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाला व्यक्ति हेमंत कुमार है, जो एक आईवियर ब्रांड में फील्ड एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करता है। पुलिस के अनुसार, उसने 7 अप्रैल की सुबह करीब 11:30 बजे बागलूर मुख्य सड़क पर यह 32 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें एक व्यक्ति सड़क पर असहज स्थिति में दिखाई दे रहा था। इसके बाद उसने इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर दिया, जो बाद में वायरल हो गया और ‘जॉम्बी ड्रग्स’ को लेकर दहशत फैल गई। जांच में यह भी पता चला कि वह व्यक्ति रोजगार की तलाश में बेंगलुरु आया था और पिछले कुछ महीनों से वहीं रह रहा था।
इस मामले पर कर्नाटक पुलिस ने हेमंत कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उसने बाद में माफी भी मांगी। सीमंत कुमार सिंह ने साफ कहा है कि बिना पुष्टि के अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और शुरुआती चरण में 25 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजे जा सकते हैं। वहीं जी परमेश्वर ने भी स्पष्ट किया है कि बेंगलुरु में किसी भी तरह का ‘जॉम्बी ड्रग’ मौजूद नहीं है और लोगों को सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति बिना जांचे-परखे जानकारी साझा न करे, क्योंकि ऐसी अफवाहें समाज में बेवजह डर फैलाती हैं और किसी की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि कई अन्य राज्यों से भी ऐसी वीडियो सामने आ रही है जिनकी जांच अभी बाकी है फिलहाल इस पुरे मामले में आपकी क्या राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताये।