सालरा गांव में अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई प्रकरण में पुलिस ने पीड़ित पक्ष सहित दूसरे पक्ष के बयान दर्ज कर लिए हैं। पीड़ित के दून अस्पताल में भर्ती होने के कारण उसका पक्ष नहीं लिया जा सका है। मामले में कुछ और तथ्य निकल कर आ रहे हैं।

ग्रामीण करतार सिंह ने इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।उनका आरोप था कि बैनोल गांव निवासी आयुष मंदिर में आकर सीधे यहां जल रही धूनी में कूद गया। मंदिर में मौजूद थानी (मंदिर की देखरेख करने वाला व्यक्ति) रामदयाल के साथ मारपीट की। आयुष ने मंदिर में प्रतीकों को खंडित कर व गर्भगृह में घुस कर धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई ।
हालांकि मोरी थाना प्रभारी मोहन सिंह कठैत ने बताया कि सोमवार को कोर्ट का आदेश पत्र मिलने पर आयुष के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, नुकसान पहुंचाने व मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।वहीं आयुष की ओर से कराए गए मुकदमे में विवेचना लगभग पूरी हो चुकी है। इस मुकदमे में जल्द आरोप पत्र दायर कर लिया जाएगा।

शिक्षकों की संलिप्तता की भी हो रही जांचI
ग्रामीणों का कहना था कि मामले को भड़काने में क्षेत्र के कुछ शिक्षकों की भूमिका है। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की। मंदिर के ठाणी (देखरेख करने वाला व्यक्ति) ने भी आयुष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। आयुष पर धार्मिक भावना आहत करने व मंदिर में तोड़फोड़ करने का आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि उक्त शिकायत पर भी जांच की जा रही है।

हूटर बजाते हुए क्षेत्र में पहुंची थी भीम आर्मीI
भीम आर्मी पर हूटर बजाते हुए क्षेत्र में पहुंचने का आरोप है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीम आर्मी के वाहनों का काफिला क्षेत्र में हूटर बजाते हुए हैं जबकि नियमानुसार हूटर बजाना प्रतिबंधित है। वहीं स्थानीय विधायक दुर्गेश्वर लाल व पूर्व राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने भी मामले में भीम आर्मी को राजनीतिक रोटियां सेकने वाला बताया है।