रविवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी और उत्तरकाशी में क्रांति महारैली का आयोजन किया गया. इसमें कुमाऊं के सभी जिलों से पहुंचे कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन लागू न करने पर राज्य सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की. राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बाद अन्य राज्यों में भी इसकी बहाली को लेकर कर्मचारी दबाव बना रहे हैं.

महारैली हाइडिल गेट नैनीताल रोड पर निकाली गई. एक बैंक्वेट हॉल में सभा भी हुई. कर्मचारियों ने कहा कि 1 मई को मजदूर दिवस पर संसद मार्च निकालकर कर्मचारी एकजुटता दिखाएंगे. वहीं, उत्तरकाशी के बाद ओल्ड पेंशन बहाली के राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े कर्मचारी कुमाऊं में विशाल रैली करेंगे. हल्द्वानी में 26 फरवरी को रैली होनी है. साथ ही योजना लागू नहीं होने पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया और 2024 में जवाब देने की बात की.

इससे पहले 8 जनवरी को भी देहरादून में पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच करने का प्रयास किया था.

वही पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर रविवार को कर्मचारियों ने हरियाणा पंचकूला में भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया. बजट सत्र से पहले कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया. वहीं, अगले साल राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए वोट भी डाले जाएंगे.