चार धाम यात्रा शुरू होते ही धामों में व्यवस्थाओं और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। बता दे पहले केदारनाथ में व्यापारियों का विरोध और अब बद्रीनाथ धाम में पुरोहितों और पंडा समाज ने विरोध शुरू कर दिया है। साथ ही बदरीनाथ धाम में वीआईपी व्यवस्था और बामनी गांव को जाने वाले आम रास्ता बंद करने के विरोध में तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोग विरोध में उतर आए हैं। दरअसल पंडा पुरोहितों ने बैकडोर एंट्री को लेकर भी कड़ा विरोध जताया है। साथ ही तीर्थ पुरोहितों की बेरोकटोक मंदिर परिसर में आने जाने की सुविधा देने की मांग की है और इसके विरोध में मंदिर परिसर के पास ही बैठकर सांकेतिक धरना दिया। इतना ही नहीं पंडा समाज ने आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है। इसके लिए वे प्रशासन को मांग पत्र भी सौंप रहे हैं।
हालांकि पुरोहितों ने धाम में हो रहे निर्माण कार्यों का भी विरोध जताया है। पुरोहितों का कहना है कि धाम में हो रहे पुर्ननिर्माण के कार्यों की वजह से धाम का पौराणिक अस्तित्व खतरे में हैं। वही तीर्थ पुरोहित नरेशआनंद नौटियाल ने कहा कि मंदिर समिति की ओर से वीआईपी कल्चर सिस्टम और हमारे हक हकूकों को छीना जा रहा है। इसके विरोध में पंडा समाज एक जुट होकर विरोध कर रहे हैं। अगर प्रशासन ने पंडा समाज की मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। साथ ही पंडा पुरोहितों की मांग है कि प्रशासन को यात्रियों को वेबजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। जो यात्री धाम में दर्शन के लिए आना चाहते हैं, उन्हें किसी तरह की रोक नहीं होनी चाहिए।