आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लग गया है। यह चंद्र ग्रहण बैशाख शुक्ल की पूर्णिमा तिथि पर लगा है। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। ग्रहण के अच्छे और बुरे दोनों तरह के प्रभाव होते हैं क्योंकि यह भारत में नहीं दिखेगा इसलिए इसलिए इस चंद्र ग्रहण का सूतक भारत में मान्य नहीं होगा। दुनिया के कई शहरों में चंद्र ग्रहण दिखाई दे गया है। अर्जेंटीना, सैंटियागो और चिली में चंद्र ग्रहण का अलग नजारा देखने को मिला है |
80 साल बाद चंद्र ग्रहण पर बना ऐसा सहयोग
ज्योतिषाचार्यों की ज्योतिषीय गणना के आधार पर इस बार चंद्र ग्रहण पर ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा संयोग बना है जो पिछले 80 साल पहले बना था। इस बार चंद्र ग्रहण विशाखा नक्षत्र और परिघ योग में बन रहा है। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के दौरान गुरू और शनि देव अपनी स्वराशि में मौजूद रहेंगे। यह ग्रहण वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा, विशाखा नक्षत्र और वृश्चिक राशि में लग रहा है।
जानें कितने तरह का होता है चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण एक प्रकार का खगोलीय घटनाक्रम है। सूर्य और चंद्रमा के बीच एक समय ऐसा आता है जब पृथ्वी बीच में आ जाती है तब कुछ देर के लिए ऐसी स्थिति बन जाती है कि चंद्रमा के ऊपर सूर्य की चमक आनी बंद हो जाती है। इससे चंद्रमा दिखाई नहीं पड़ता है, इसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं। चंद्र ग्रहण तीन प्रकार का होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण,आंशिक चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्र ग्रहण।
कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण वृषभ राशि में लगेगा। वृषभ राशि में राहु का गोचर चल रहा है। इस कारण वृषभ राशि पर ग्रहण का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। 16 मई को लगने वाले चंद्रग्रहण को दक्षिण-पश्चिमी यूरोप, दक्षिण-पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, अधिकांश उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा ।
Date : 16-May-2022
Penned by Reeta joshi