भारतीय सेना के इंजीनियरों ने स्लिंग का इस्तेमाल कर गंभीर रूप से घायल हाथी ‘मोती’ को सुरक्षित खड़ा कर दिया है. चोट के चलते मोती की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे बचाने के लिए एनजीओ की मेडिकल टीम ने प्राथमिकता से इलाज शुरू कर दिया है.

वहीं मोती के अगले पैर में भी फ्रैक्चर हो गया है और एक सप्ताह से अधिक समय से पैरों के पैड घिस चुके हैं.बता दे कि उत्तराखंड के रुड़की से सेना के करीब 35 जवान लेफ्टिनेंट कर्नल प्रतीक गुप्ता के नेतृत्व में सोमवार को रामनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने हाथी के खडे़ होने के लिए एक स्ट्रक्चर बनाया, जिसकी मदद से मोती हाथी खड़ा हो पाया है.

जिसके बाद अब एनजीओ की मेडिकल टीम ने हाथी का उपचार शुरू कर दिया है. करीब 17 दिनों के बाद हाथी अपने पैरों पर खड़ा हो पाया है.