उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गौर ग्रीन सोसायटी के एक टावर में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते कई फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया।सुबह करीब 8 बजे इंदिरापुरम स्थित इस सोसायटी के 8वीं और 9वीं मंजिल पर आग भड़क उठी।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक फ्लैट में लगे एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में विस्फोट होने से आग लगी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई। कुछ ही मिनटों में लपटें विकराल रूप लेती गईं और आसपास के कई फ्लैटों तक पहुंच गईं।आग लगते ही सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने-अपने फ्लैट छोड़कर नीचे की ओर भागने लगे। काले घने धुएं के गुबार में घरों का कीमती सामान—फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन और अन्य वस्तुएं—जलकर राख हो गईं।सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन ऊंचाई और पानी के कम प्रेशर के कारण राहत कार्य में भारी दिक्कतें आईं।
दमकल की गाड़ियों से पानी की धार ऊपरी मंजिलों तक नहीं पहुंच पा रही थी, जिससे आग पर काबू पाने में काफी समय लग गया। स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।करीब एक से डेढ़ घंटे तक आग बेकाबू रही और बीच-बीच में फ्लैटों से धमाकों की आवाजें भी सुनाई देती रहीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास की इमारतों को खाली करा लिया, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस आग ने लाखों रुपये के नुकसान के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खासतौर पर नोएडा और गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में ऊंची इमारतों में आग से निपटने के इंतजामों की समीक्षा अब बेहद जरूरी हो गई है।यह घटना एक चेतावनी है कि बढ़ती गर्मी के मौसम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग और उनकी मेंटेनेंस को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे हादसों को भविष्य में रोका जा सके।