लोकसभा चुनाव प्रचार के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एडिटेड वीडियो का मामला और गरमा गया है जिसकी बडे़ पैमाने पर जांच की जा रही है। वही दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की जांच का दायरा कई राज्यों तक फैल गया है. एडिटेड वीडियो की जांच के लिए झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, नागालैंड में दिल्ली पुलिस की अलग- अलग टीमें भेज दी गयी है। साथ ही फर्जी वीडियो के मामले में पुलिस ने तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी को भी तलब किया है और सुचना के मुताबिक चार अन्य कांग्रेस नेताओं से भी पूछताछ हो सकती है।
दरअसल इन्होंने 27 अप्रैल को अमित शाह के भाषण का एक फेक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया था जो की जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें अमित शाह कथित तौर पर कहते सुनाई देते हैं कि, “भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी तो गैर-संवैधानिक एससी, एसटी और ओबीसी के रिजर्वेशन को हम समाप्त कर देंगे.” इसलिए इन्हें वो इलेक्ट्रोनिक गैजेट भी लेकर आने को कहा गया है जिससे पोस्ट किया गया। साथ ही पुलिस इनसे यह जानने की कोशिश करेगी कि इनके पास ये वीडियो कहां से आया था जिसके आधार पर पुलिस वीडियो बनाने वाले को गिरफ्तार करेगी।
हलाकि इस मामले में असम में एक गिरफ्तारी भी हो चुकी है। वही यूपी में समाजवादी पार्टी के एक लोकसभा प्रत्याशी, झारखंड में कांग्रेस के नेता, और नागालैंड के कांग्रेस नेता को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। साथ ही इन सभी को अपना मोबाइल साथ लाने को कहा गया है। जानकारी के मुताबिक एडिटेड वीडियो मामले में कई राज्यों के लोग शामिल हैं. इसी वजह से जांच का दायरा कई राज्यों तक फैल रहा है. वही चार अलग-अलग राज्यों दिल्ली, असम, राजस्थान और महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज हुई है जिसके बाद पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सबसे पहला ट्वीट किसने किया था?