जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों के हमले में टिहरी गढ़वाल के भिलंगना ब्लाक के पुंडोली गांव निवासी सैनिक प्रवीण सिंह गुसाईं ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। जवान के बलिदान की खबर के बाद सैनिक के घर और गांव में कोहराम मच गया । प्रवीण सिंह 2011 में 15वीं गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे और वर्तमान में 12वीं राष्ट्रीय राइफल (आरआर) में तैनात थे। आज शनिवार को बलिदानी सैनिक को पैतृक घाट पर अंतिम विदाई दी जाएगी। भिलंगना ब्लाक के पुंडोली गांव निवासी 32 वर्षीय सैनिक प्रवीण सिंह गुसाईं बीते वीरवार को सेना के एक सर्च आपरेशन में थे। इस दौरान आतंकियों के आइईडी विस्फोट में वह बुरी तरह घायल हो गये। साथियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार दौरान उनकी मौत हो गई |
बलिदानी प्रवीण सिंह के चचेरे भाई यशवंत गुसाईं ने बताया कि 15 मई को प्रवीण छुट्टी में गांव आए थे और 23 मई को वापस ड्यूटी पर चले गए थे। प्रवीण सिंह की पत्नी अमिता गुसाईं और छह साल का बेटा वंश देहरादून में रहते हैं, जबकि पिता प्रताप सिंह और मां दीपा देवी गांव में ही रहते हैं। बलिदानी जवान प्रवीण का बड़ा भाई प्रदीप जर्मनी में नौकरी करता है। बेटे की मौत की खबर के बाद से मां बेसुध है और पिता का भी रो रोकर बुरा हाल है।
बलिदानी प्रवीण सिंह का पार्थिव शरीर जम्मू से वायु सेना के विशेष विमान से शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे जौलीग्रांट स्थित देहरादून एयरपोर्ट लाया गया। एयरपोर्ट पर बलिदानी प्रवीण सिंह को सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। शनिवार सुबह बलिदानी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास ले जाया जाएगा। फिलहाल बलिदानी के पार्थिव शरीर को एम्स में रखा गया है।बलिदानी प्रवीण सिंह के पार्थिव शरीर को आज उनके टिहरी स्थित पैतृक गांव लाया जा रहा है। गांव से नजदीक मल्गढ़ में बलिदानी की अंतिम यात्रा के लिए गांव के लोग अपने वाहनों पर शहीद की फोटो और तिरंगा लगाकर पहुंचे। गांव के पास बलिदानी को अंतिम विदाई देने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
शुक्रवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखंड के सपूत को श्रद्धाजंलि देते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार बलिदानी प्रवीण सिंह के परिवार के साथ खड़ी है। सरकार की ओर से बलिदानी के लिए जो अनुमन्य राशि निर्धारित की गई है। वह परिवार को जल्द पहुंचाई जाएगी। साथ ही बलिदानी के गांव में किसी विद्यालय या मार्ग का नाम बलिदानी प्रवीण सिंह के नाम पर रखा जाएगा ।
Date :04-May-2022
Penned by Reeta Joshi