उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन देहरादून और हल्द्वानी के स्टेडियम के नाम को लेकर उत्तराखंड विधानसभा में मंत्री रेखा आर्य और हल्द्वानी से विपक्ष यानी कांग्रेस के विधायक सुमित हृदयेश के बीच तीखी बहस हुई। आपको बता दे विधायक सुमित हृदयेश ने सरकार पर आरोप लगाया कि निमंत्रण पत्र पर दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के नाम को पूरा और सम्मानपूर्वक नहीं लिखा गया, बल्कि उन्हें संक्षिप्त रूप में लिखा गया है। जिसपर उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर मिला है, जो पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। लेकिन सरकार इस आयोजन को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करने के बजाय, अपनी राजनीतिक सोच को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने सदन में सरकार से सीधे सवाल करते हुए कहा, “जब ये स्टेडियम कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बने थे, तो निमंत्रण पत्र में उनके नाम क्यों नहीं शामिल किए गए?” उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम करार दिया। हालांकि इस पर मंत्री रेखा आर्य ने जवाब दिया कि नाम लिखा गया है, लेकिन इस बात को लेकर दोनों के बीच बहस छिड़ गई। जिसके बाद इस बहस के बीच ही प्रश्नकाल को समाप्त कर दिया गया। दरअसल ये घटना विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तनाव को दर्शाती है, जहां छोटे-छोटे मुद्दों पर भी बहस हो जाती है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रति सम्मान नहीं दिखा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि नाम लिखा गया है। हालांकि इस तरह के विवाद अक्सर विधानसभा में देखने को मिलते हैं, जहां दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आते हैं।