उत्तर प्रदेश के जालौन से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी है। कैमरे में कैद हुई तस्वीरों में एक तरफ एसडीएम रिंकू सिंह राही दिखाई दे रहे हैं तो दूसरी तरफ ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन। पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस होती है, लेकिन देखते ही देखते माहौल इतना गरमा जाता है कि एसडीएम कथित तौर पर ब्लॉक प्रमुख की ओर थप्पड़ मारने के लिए हाथ बढ़ाते नजर आते हैं। हालांकि ब्लॉक प्रमुख पीछे हट जाते हैं, जिससे थप्पड़ नहीं लग पाता। इसके बाद एसडीएम उन्हें धक्का देते हुए दिखाई देते हैं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी, अधिकारी और अन्य लोग तुरंत बीच-बचाव के लिए आगे आते हैं और दोनों को अलग करते हैं। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो जाता है और कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगता है। मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद एक कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान हुआ।
निरीक्षण के समय किसी मुद्दे पर एसडीएम और ब्लॉक प्रमुख के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने भी इस घटना को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को पूरे मामले की जांच सौंपते हुए जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह सार्वजनिक स्थान पर आपा खोना उचित है? अगर किसी जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार कैमरे के सामने हो सकता है, तो आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा? अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर इस पूरे विवाद की असली वजह क्या थी और दोषी पाए जाने पर किसके खिलाफ कार्रवाई होती है।