कोटद्वार: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कोटद्वार से बड़ी खबर सामने आई है। द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) में बारिश के कारण एक मकान अचानक ढह गया। हादसे के बाद चार लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बीती रात से ही लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई जगह हालात बिगड़ गए हैं। कोटद्वार क्षेत्र में सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर भी खतरे की स्थिति तक पहुंच गया है। वहीं सरुड़ा गांव में पंचायत घर और खोह नदी के किनारे बने घरों पर भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बारिश के चलते एनएच-534 पर कई जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर रपटों में पानी का स्तर भी बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कल्पेश्वर मंदिर के पास भी भूस्खलन
बारिश का असर चमोली के ज्योतिर्मठ की उर्गम घाटी में भी देखने को मिला है। यहां कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भारी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी से आए मलबे के कारण मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। मलबा आने से मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बाधित हो गई है। रास्ता साफ होने के बाद ही श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
प्रदेश में कई सड़कें बंद
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड में दो राज्यमार्ग समेत 91 सड़कें बंद होने की सूचना है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी समेत कई जिलों में सड़कें प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। फिलहाल मेहरगांव में मलबे में दबे तीन लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।