उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे के रखरखाव, उपयोग और आय-व्यय का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। विधायक का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए मंदिर के चढ़ावे से संबंधित सभी जानकारियां पारदर्शी तरीके से सामने आनी चाहिए।
लखपत बुटोला ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को पहले भी कई बार सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया था, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि जब तक चढ़ावे की निष्पक्ष जांच, आय-व्यय का सार्वजनिक विवरण और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक आंदोलन के बजाय श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की पहल बताया है।
इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस सरकार पर चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि सरकार और बदरी-केदार मंदिर समिति ने आरोपों को निराधार बताया है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे सवालों का किस तरह जवाब देती है।