केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए सांसदों ने फूलों और तालियों के साथ स्वागत किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब NEET विवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में बहस जारी है। ऐसे में संसद का यह दृश्य राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया।
एनडीए सांसदों के इस स्वागत को जहां पार्टी की एकजुटता का संदेश माना जा रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर कई लोग व्यंग्य करते हुए कह रहे हैं कि युवाओं के सवाल अभी भी लाइन में हैं, लेकिन नेताओं के स्वागत में कोई कमी नहीं है। कुछ लोगों ने इसे विपक्ष को दिया गया राजनीतिक जवाब बताया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि क्या इस समय छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा ज्यादा जरूरी नहीं थी।
हालांकि, सत्ता पक्ष इसे अपने नेता के प्रति समर्थन का प्रतीक बता रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि इस्तीफे के बाद भी युवाओं के सवालों के जवाब मिलना बाकी है। ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान का यह स्वागत अब सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई सियासी बहस का केंद्र बन गया है।