अब उत्तराखंड की किताबों से भी हटा मुगलों का इतिहास, फिर गरमाई सियासत

By New31 Uttarakhand

बता दें की उत्तराखंड के बच्चे भी अब मुगलों का इतिहास नहीं पढ़ेंगे।और यहां सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी का पैटर्न लागू है, जिसके तहत इसी साल से एनसीईआरटी का बदलाव लागू हो जाएगा।वहीं राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए इतिहास की किताबों से मुगलों का इतिहास हटाने का निर्णय लिया है।

वहीं एनसीईआरटी ने 11 वीं की किताब से इस्लाम का उदय, संस्कृतियों में टकराव, औद्योगिक क्रांति, समय की शुरुआत के चैप्टर सिलेबस से हटाए हैं,12वीं इतिहास की किताब से ‘अकबरनामा’ (अकबर के शासनकाल का आधिकारिक इतिहास) और ‘बादशाहनामा’ (मुगल सम्राट शाहजहां का इतिहास) के चैप्टर को हटाया गया है।

जानकारी के मुताबिक इसके अलावा, नागरिक शास्त्र की किताब स्वतंत्र भारत में राजनीति से जन आंदोलनों का उदय और एक दल (सीपीएम) के प्रभुत्व के दौर के चैप्टर में भी बदलाव किया गया है। चूंकि राज्य में पहले से ही सभी राज्य बोर्ड के स्कूलों में भी एनसीईआरटी पैटर्न लागू है।वहीं लिहाजा, यह बदलाव इसी सत्र से यहां भी लागू हो जाएंगे।

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