अब ग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी कर सकेंगे छात्र, जान लें यूजीसी का नया नियम

By New31 Uttarakhand

PhD कर डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने की चाह रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है. यूजीसी यानी कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने अब ग्रेजुएट्स के लिए PhD में एडमिशन का रास्ता खोल दिया है. माने जो छात्र ग्रेजुएशन करने के बाद सीधे PhD करना चाहते हैं वो PhD करने के लिए एलिजिबल होंगे. कुल मिलाकर अब ये जरूरी नहीं होगा कि आप मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद ही PhD कर पाएं.

FYUP के अंतर्गत छात्र कर सकेंगे PhD


जो स्टूडेंट ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD करना चाहते हैं, उन्हें चार साल का अंडर-ग्रेजुएट कोर्स FYUP करना होगा. माने जो छात्र FYUP (फोर इयर अंडर-ग्रेजुएट प्रोग्राम) पास करेंगे उन्हें ही PhD करने के लिए एलिजिबल माना जाएगा. इसके लिए छात्रों को FYUP में कम से कम 7.5 CGPA या उससे ज्यादा का स्कोर लाना होगा. CGPA एक तरह के ग्रेड पॉइंट होते हैं जैसे पहले परसेंटेज होते थे. CGPA को कुल 10 के पैमाने पर मापा जाता है. यानी कि 10 मे से 7.5 अंक होने जरूरी होंगे.

Manash Pratim Gohain of Times of India writes: Students can now pursue PhD after 4-year undergrad course. pic.twitter.com/8HefLjPWuB
— Mamidala Jagadesh Kumar (@mamidala90) June 14, 2022

यहां बता दे कि UGC (पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रिया) रेगुलेशन 2022, जून के अंत तक घोषित होने की संभावना है और आने वाले 2022-23 एकेडमिक सेशन से लागू होने की संभावना है. केंद्र सरकार ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत FYUP को बढ़ावा देने का फैसला किया है. NEP के नियमों के मुताबिक जो छात्र 4 साल या 8 सेमेस्टर की ग्रेजुएट डिग्री के बाद PhD करने के इच्छुक हैं उनके 7.5 CGPA होने चाहिए. वहीं एससी, एसटी, ओबीसी और विकलांग छात्रों को 0.5 CGPA की छूट मिलेगी. यानी उनके लिए 7 CGPA का स्कोर लाना जरूरी होगा.

 

40% सीट टेस्ट के माध्यम से भरी जाएंगी


यूजीसी के नए नियमों के अनुसार 40% खाली साटों को यूनिवर्सिटी लेवल के एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर भरा जाएगा. इसके अलावा दो तरह से सीटों को भरने की बात कही गई है. एक, पूरी 100% सीट नेशनल लेवल एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर भरी जा सकती हैं. दूसरा, 60-40 के रेशियो में. यानी 60% नेशनल लेवल एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर और 40% यूनिवर्सिटी लेवल या स्टेट लेवल के एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर. यदि खाली सीटों को नेशनल लेवल के टेस्ट (यानी जो  UGC, CSIR, ICMR, ICAR द्वारा करवाए जाते है) से भरा जाता है तो ऐसे छात्रो का चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा. इसमे इंटरव्यू या वाइवा टेस्ट का वेटेज 100% होगा. ये इंटरव्यू उनके हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट द्वारा किए जाएंगे|

Date: 16-JUNE-2022

Penned by Reeta Joshi

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