केंद्रीय मंत्री ने अमेरिका के कारोबारी जॉर्ज सोरोस के प्रधानमंत्री मोदी पर दिए बयान को विदेशी साजिश बताया है। जॉर्ज सोरोस ने गुरुवार रात को म्यूनिख सिक्योरिटी काउंसिल में कहा था कि भारत लोकतांत्रिक देश है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी लोकतांत्रिक नहीं हैं। उनके तेजी से बड़ा नेता बनने की अहम वजह मुस्लिमों के साथ की गई हिंसा है।

इस बयान पर स्मृति ने कहा कि विदेशी धरती से भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। यह भारत की डेमोक्रेसी में दखल देने की कोशिश है। उधर कांग्रेस ने भी जॉर्ज सोरोस के बयान की निंदा की है।

अमेरिकी बिलेनियर ने कहा था- मोदी कमजोर होंगे
म्यूनिख सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग में बोलते हुए अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस ने कहा कि भारत क्वाड का मेंबर है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान भी उसके साथ हैं। इसके बावजूद भारत रूस से बड़े डिस्काउंट पर तेल खरीदकर मुनाफा कमा रहा है।
सोरोस ने कहा- स्टॉक मार्केट में अडाणी के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। मोदी को इस पर जवाब देना होगा, जिससे सरकार पर उनकी पकड़ कमजोर होगी। मैं अनाड़ी हो सकता हूं लेकिन मैं भारत में फिर से लोकतंत्र के आने की उम्मीद कर रहा हूं। सोरोस ने भारत में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए पर भी PM मोदी पर निशाना साधा था।