उत्तराखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई हो चुकी है। 3 अक्टूबर को मानसून ने प्रदेश से विदा ली, जिसके बाद पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम में बदलाव महसूस होने लगा है। सुबह और शाम हल्की ठंडक बढ़ने लगी है, जबकि दिन में धूप के कारण अभी भी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में मौसम सुहावना बना हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 अक्टूबर को प्रदेशभर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इसके बाद 5 अक्टूबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 5 से 9 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। 9 अक्टूबर को 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
6 और 7 अक्टूबर को मौसम का असर ज्यादा व्यापक रहने की संभावना है। इस दौरान पहाड़ी जिलों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 6 और 7 अक्टूबर को अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम प्रभावित होने की संभावना है।
मानसून की विदाई के साथ इस बार प्रदेश में बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मानसून सीजन में उत्तराखंड में 1269.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 1162.7 मिलीमीटर है। यानी इस सीजन में सामान्य से करीब 9 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। लगातार चौथे साल राज्य में मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
वहीं, बारिश और बर्फबारी के अगले दौर के बाद प्रदेश में तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ों में ठंड बढ़ने के साथ ही मैदानी इलाकों में भी सुबह-शाम ठंडक बढ़ सकती है। मौसम में यह बदलाव उत्तराखंड में सर्दियों की दस्तक का संकेत माना जा रहा है।