उत्तराखंड में जुलाई की शुरुआत होते ही मानसून ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आपको बता दे लगातार हो रही बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और बस खतरे के निसान से थोड़ी ही दूर है दरअसल अलकनंदा नदी फिलहाल 624 मीटर पर बह रही है जबकि खतरे का निसान 626 मीटर है। वही नदी अपने मुल बहाव क्षेत्र से लगभग 15 मीटर दूर तक बह रही है। साथ ही दो दिन की मूसलाधार बारिश के बीच अलकनंदा नदी किनारे नदी से लगभग 15 मीटर दूर भगवान शिव की 10 फ़ीट से अधिक ऊंची मूर्ति है जो की गले तक दुब गयी है।
आशंका है की अगर लगातार ऐसी ही बारिश होती रही तो जो जल्द ही शिव की मूर्ति पूरी तरह जलमग्न हो जायेगी। वही बात करे मंदाकनी नदी की तो मंदाकनी नदी भी उफान पर है। बता दे रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का संगम होता है और दोनों के संगम के बाद जल का स्तर दो गुना हो जाता है। जिससे खतरा और अधिक बढ़ जाता है। हालांकि फिलहाल संगम स्थल पर बने स्नान घाट के साथ शव जलाने का स्थान भी पूरी तरह से मंदाकिनी नदी में दुब गया है। वही प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नदी की तेज धारा ने श्रद्धालुओं को भयभीत कर दिया हालांकि गनीमत रही कि कोई नुकसान नहीं हुआ।