उत्तराखंड में एक बार फिर से कोरोना महामारी ने अपनी दस्तक देनी शुरू कर दी है, उत्तराखंड के कई इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज लगातार मिल रहे हैं जिसको लेकर प्रदेश सरकार के साथ ही स्वास्थ्य महकमा भी गंभीर हो गया है ,महामारी से निबटने को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है जिस के क्रम में मंगलवार को रामनगर के सरकारी अस्पताल में भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया .
लेकिन मॉक ड्रिल पूरी तरह अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया ,बता दें की मॉक ड्रिल के चलते एंबुलेंस में एक मरीज को लाया गया और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी इस मरीज को एंबुलेंस से निकालकर व्हीलचेयर पर ले जा रहे थे ,लेकिन यह कर्मचारी ऑक्सीजन का सिलेंडर ऑन करना ही भूल गए ,इतना ही नहीं जब इस मरीज को वार्ड में जांच करने के लिए ले गए तो वहां पर डॉक्टर भी लापता थे इसके अलावा भी कई अनियमितताएं मॉक ड्रिल के अभियान में जहां एक और देखने को मिली है तो वही रामनगर के सरकारी अस्पताल की भी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पोल खुली है .
बता दें की वर्तमान में रामनगर का सरकारी अस्पताल पीपीपी मोड पर संचालित है ,और इस अभियान में मौजूद विधायक दीवान सिंह बिष्ट लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकार इस महामारी को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अस्पतालों में मरीजों को कोई परेशानी ना हो इसको लेकर निर्देश दिए जा चुके हैं ,वहीं कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ प्रशांत कौशिक ने भी अभियान में मौजूद रहते हुए इन अव्यवस्थाओं को देखते हुए चिकित्सालय प्रबंधन को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत मिली तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा.