उत्तराखंड, जिसे “देवभूमि” के नाम से जाना जाता है, आज तेजी से बढ़ते नशे की समस्या से जूझता नजर आ रहा है। बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में शराब की दुकानों और बार की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे युवाओं में नशे की लत भी चिंताजनक रूप से बढ़ रही है।देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और पिलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सड़क किनारे, खुले स्थानों और वाहनों में बैठकर शराब का सेवन कर रहे कुल 14 लोगों को मौके से पकड़कर थाने लाया।गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
पकड़े गए सभी लोगों से पूछताछ के बाद उनके खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालान कर जुर्माना लगाया गया। साथ ही सभी को भविष्य में ऐसी हरकत दोहराने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे सामाजिक व्यवस्था और सुरक्षा पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियानों को आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा।वहीं लोगों का कहना है कि जहां एक ओर प्रदेश की पहचान आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी रही है, वहीं दूसरी ओर नशे का बढ़ता चलन इस छवि को धूमिल कर रहा है। खासकर युवाओं का इस ओर आकर्षित होना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ऐसे अभियान यह संकेत देते हैं कि शासन-प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर तो है लेकिन अगर लगातार सख्ती और जागरूकता अभियान चलाए जाएं, तो संभव है कि कई लोगों को नशे की आदत से दूर किया जा सकता है और कई परिवारों को टूटने से बचाया जा सके।हालांकि, यह भी उतना ही जरूरी है कि समाज स्वयं जागरूक हो और लोग समझें कि शराब जैसी लत उन्हें धीरे-धीरे विनाश की ओर ले जाती है।
यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके दुष्परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और नशे से दूर रहें, ताकि उत्तराखंड की पहचान और सामाजिक संतुलन को सुरक्षित रखा जा सके।विशेषज्ञों के अनुसार, शराब जैसे नशे न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि धीरे-धीरे उसे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से भी कमजोर कर देते हैं। कई परिवारों की खुशियां इस लत की वजह से बर्बाद हो चुकी हैं।