हल्द्वानी के तराई के जंगलों में सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर हुआ कब्जा,जानिए पूरी खबर

By New31 Uttarakhand

हल्द्वानी वन विभाग में कब्जों को हटाने को लेकर कोशिश तेज की गई हैं, लेकिन तीन साल में सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर कब्जा हो चुका है। सबसे ज्यादा कब्जा पश्चिमी वृत्त के अधीन वन प्रभागों में हुआ है। बता दें की सबसे ज्यादा कब्जे पश्चिमी वृत्त के अधीन वन प्रभागों (तराई पूर्वी, तराई पश्चिमी, तराई केंद्रीय, हल्द्वानी और रामनगर वन प्रभाग) में हुई है। इसमें बिंदुखत्ता जैसे बड़े कब्जों से लेकर छोटे कब्जे शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, 2017 तक केवल पश्चिमी वृत्त में 8097.06 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा था।

वहीं सूत्रों के अनुसार वन विभाग की टीम नए सिरे से कब्जों को लेकर आंकड़ा जुटा रही है जिसमें तीन साल में सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जे की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार तीन सालों में 1220 हेक्टेयर और क्षेत्रफल में कब्जा हुआ है। यह कब्जा बढ़कर 9317 हेक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक हो चुका है, उसमें सर्वाधिक कब्जे की बात तराई पश्चिमी वन प्रभाग में सामने आई है। वर्ष-2017 में संबंधित वन प्रभाग में 1417 हेक्टेयर कब्जा था जो 2629 हेक्टेयर पहुंच गया।

साथ ही आपको बता दें की रामनगर वन प्रभाग में पहले 284.62 था जो बढ़कर 275.89 हेक्टेयर हो गया है। इन दोनों वन प्रभागों की सीमा कार्बेट नेशनल पार्क से लगी है। हल्द्वानी में 83.86 और तराई केंद्रीय वन प्रभाग में 337.95 हेक्टेयर कब्जा है। सबसे अधिक वन भूमि पर कब्जा तराई पूर्वी वन प्रभाग में है, यहां के आरक्षित वन क्षेत्र में 5982.79 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा है। अगर प्रदेश की बात करें तो वन भूमि पर कुल 11861.35 हेक्टेयर में कब्जा है।

Related News

मनोरंजन

News Letter

Your email address will not be this published. Required fields are News Today.