बता दें की अल्मोड़ा में एक महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया।बता दें की मेडिकल कॉलेज में एक महिला की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों को महिला का सिजेरियन प्रसव कराना पड़ा। अनुमानित तिथि से करीब 37 दिन पहले प्रसव होने के बावजूद जच्चा और बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। महिला द्वारा एक साथ तीन बच्चों के जन्म देने पर मामला चर्चा का विषय बना है जबकि गर्भ में तीन भ्रूण होने का पता चलने पर महिला और उसके परिजनों ने गर्भपात कराने की इच्छा जताई थी लेकिन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की काउंसलिंग के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया।
वहीं मेडिकल कॉलेज के अनुसार नगर के टम्टा मोहल्ला निवासी माया टम्टा को गर्भधारण के बाद हुई जांच में गर्भ में तीन भ्रूण होने का पता चला तो उन्होंने और परिजनों ने गर्भपात कराने की इच्छा जताई लेकिन मेडिकल कॉलेज के महिला रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्वेता ने उन्हें सफल प्रसव का भरोसा दिलाया तो उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया। तब से वह चिकित्सकों की लगातार निगरानी में थीं। शनिवार को माया को सांस लेने में दिक्कत के साथ तेज प्रसव पीड़ा हुई तो वह मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। जहां चिकित्सकों ने उनका सिजेरियन प्रसव कराया, ऑपरेशन के बाद उन्होंने तीन बेटों को जन्म दिया।