बता दें की शामा बागेश्वर से बृहस्पतिवार की सुबह 10 लोगों को लेकर होकरा की ओर जा रही बोलेरो एक गोदाम के पास अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। वहीं इस हादसे में क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन सिंह और उनके इकलौते बेटे उमेश सिंह और बहू निशा समेत 10 लोगों की मौत हो गई। उमेश की 17 दिन पहले ही शादी हुई थी। सभी मृतक बागेश्वर जिले के शामा और भनार के रहने वाले थे और पूजा के लिए होकरा मंदिर जा रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। नाचनी थाना पुलिस और तेजम अस्पताल को फोन पर सूचित करने के बाद स्थानीय युवकों ने किसी के जीवित बचे होने की उम्मीद में खाई में उतरकर खोजबीन की लेकिन कोई जीवित नहीं मिला। यात्रियों के शव खाई में इधर-उधर बिखरे हुए थे।
वहीं नाचनी थाना पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी मिर्थी के जवान मौके पर पहुंचे। बागेश्वर के शामा से भी राजस्व टीम और एसडीआरएफ के जवान घटनास्थल पर पहुंचे।जवानों ने खाई में उतरकर स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शवों को सड़क तक पहुंचाया। शवों के पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई है।बताया जा रहा है कि जिस स्थान से वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा है वहां पर सड़क बेहद खस्ताहाल और संकरी है। सड़क की बदहाली को लेकर शासन-प्रशासन और विभाग के खिलाफ स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी गई।