लगातार बढ़ती आग की घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या दिल्ली में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है, या फिर लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है?राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके का है, जहां एक इमारत में भीषण आग लगने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
इस दौरान पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।उधर, पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में भी गुरुवार सुबह एक फैक्टरी में भीषण आग लग गई। फैक्टरी में वॉश बेसिन बनाने और पैकेजिंग का काम किया जाता था। आग लगते ही कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। मौके पर दमकल विभाग की 20 गाड़ियां पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि आग बुझाने के दौरान इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का कुछ हिस्सा भी ढह गया।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।गौरतलब है कि हाल के दिनों में दिल्ली में आग की घटनाओं में लगातार इजाफा देखने को मिला है। कुछ दिन पहले मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग में 23 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भी राजधानी के कई इलाकों से आग लगने की खबरें सामने आ चुकी हैं।लगातार हो रही इन घटनाओं ने फायर सेफ्टी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में बिजली के उपकरणों पर अधिक दबाव, शॉर्ट सर्किट और लापरवाही बड़े हादसों की वजह बन सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग और संस्थान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।