नीट यूजी 2024 विवाद मामले में कल यानी 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। आपको बता दे इस मामले में तीन सदस्यों वाली बेंच की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने की। जिन्होंने याचिकाकर्ताओं के अलावा एनटीए और केंद्र सरकार का पक्ष सुनने के बाद दोबारा परीक्षा न कराने का फैसला सुनाया। दरअसल नीट यूजी 2024 विवाद मामले की सुनवाई कर रही बेंच में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल रहे। बता दे पीठ ने कल सुबह 10:30 बजे नीट से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई शुरू की थी। वही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई मे कहा की एसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले की लीक सिस्टम मे है और इससे पूरी परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा की दुबारा परीक्षा कराने का आदेश देने से 23 लाख से ज्यादा छात्रों पर गंभीर असर पड़ेगा और शैक्षणिक कार्यक्रम मे व्यवधान आयेगा जिसका आने वाले सालों मे काफी असर देखने को मिलेगा। वही न्यायलय इस तथ्य के प्रति भी सजक है की वर्तमान वर्ष के लिए नये सिरे से नीट परीक्षा आयोजित कराने का निर्देश देने से 2 मिलियन से ज्यादा छात्रों के लिए गंभीर परिणाम होंगे। वही CBI के खुलासे से पता चलता है की हजारीबाग, पटना के परीक्षा केंद्रो से चुने गए 155 छात्र घोटाले के लाभार्थी प्रतीत होते है। हालाँकि अंत मे कोर्ट ने आखिरकार ये फैसला लिया की नीट की परीक्षा दुबारा नही होगी क्युकी इस मामले से जुड़े पर्याप्त सबूत नही मिले है जिससे परीक्षा को दुबारा कराया जाए।