उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान 34 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका एक आशा कार्यकर्ता बताई जा रही है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, 29 मई की रात सीमा नामक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
उनके पति देव नारायण उन्हें लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और केवल एक स्टाफ नर्स ड्यूटी पर थी।परिवार का कहना है कि नर्स ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें एक निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी। इसके बाद सरकारी एंबुलेंस के जरिए महिला को निजी अस्पताल भेजा गया।परिजनों के अनुसार निजी अस्पताल में डॉक्टर नसीम अहमद और उनकी टीम ने महिला का ऑपरेशन किया, जिसके बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया।
हालांकि, ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी।मृतका के पति का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जरूरी चिकित्सकीय देखभाल नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई।घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर नसीम अहमद और उनकी मेडिकल टीम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नर्स सलमा और एक हेल्पर को गिरफ्तार किया है।मुख्य आरोपी डॉक्टर नसीम अहमद फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने आरोपी डॉक्टर पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।सोनभद्र पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अस्पताल को सील कर दिया गया है। अस्पताल से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त कर जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मृतका के पति ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं और वहां बड़े ऑपरेशन के लिए आवश्यक संसाधनों का अभाव था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल गरीब और जरूरतमंद मरीजों को विभिन्न माध्यमों से अपने यहां भेजकर इलाज करता था।हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।सीमा अपने पीछे चार बेटियों और एक नवजात बेटे को छोड़ गई हैं। परिवार की सबसे बड़ी बेटी की उम्र 11 वर्ष बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है, जबकि क्षेत्र में भी इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।