उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले में पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत ने बड़ा खुलासा किया है| उनका कहना है की उन्होंने बदनामी के डर से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया| दरअसल आयोग की स्थापना के बाद सबसे पहले बतौर अध्यक्ष की जिम्मेदारी वरिष्ठ आईएफएस आरबीएस रावत को दी गई थीं। उनके कार्यकाल में तीन परीक्षाएं हुईं। इनमें से 2016 की वीडीओ भर्ती परीक्षा विवादों से घिर गई थी , जिसमें ओएमआर शीट में छेड़छाड़ करके बड़ी संख्या में युवा को पास कर दिए गया था| इनके कार्यकाल में ही उस आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस को पहली बार काम दिया गया था, जिसका निदेशक हाल ही में पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुआ।
आरबीएस रावत ने कहा कि एक साल तो ऑफिस को सेट करने में लगा। इसके बाद परीक्षाएं शुरू कीं गयी, दो एग्जाम ठीक गए। तीसरी 2016 की वीडीओ भर्ती भी ठीक ही हुई लेकिन विवादों में घिरने के बाद मैं अपनी टीम को लेकर शासन पहुंचा। हमने सभी ओएमआर शासन को जांच करने के लिए शौप दिए लेकिन शासन ने 25 अप्रैल 2016 को एक पत्र भेजा, जिसमें लिखा गया था कि इस परीक्षा में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। उसी दिन उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया साथ ही उनका कहना है की उनकी वन विभाग में स्वच्छ छवि थी, जिसे वह खराब नहीं करना चाहते थे लेकिन उनकी छवि खराब होंने का डर उन्हें सताने लगा। इसीलिए उन्होंने तत्काल इस्तीफा दे दिया था।
Date – 30/August/2022
Pennde By – Kiran