हल्द्वानी: उत्तराखंड में पिछले 48 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश जारी है जिस वजह से पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की वजह से बड़ी संख्या में रास्ते बंद हो गए है।नैनीताल जिले में भी बारिश का खास असर देखने को मिला पिछले 48 घंटे से हो रही बरसात की वजह से नैनीताल जिले में 6 राजमार्ग 2 मुख्य जिला मार्ग सहित 29 रास्ते बंद है जिस वजह से आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं राजमार्ग 71भारी बारीश के कारण बंद पड़ा हैं। इसके साथ ही काठगोदाम से सिमलिया बैंड तक राजमार्ग संख्या 103 बंद है। इसी तरह कुकरागाड़ से डालकन्या तक भवाली में राजमार्ग संख्या 104 बंद है।
इसी प्रकार रामनगर बेतालघाट राजमार्ग संख्या 83 बंद है और भूस्खलन की वजह से रामनगर भांडापानी, जेहना, रिची वाला राजमार्ग संख्या 71 भी बंद है। इसी तरह गर्जिया बेतालघाट उड़ा खान राजमार्ग संख्या 82 भी बंद है भूस्खलन से बबियाड़ मुख्य जिला मार्ग भी बंद है तथा भुजान बेतालघाट मुख्य जिला मार्ग भी बंद है। तथा साथ ही 21 आंतरिक मार्ग भी भूस्खल के कारण बंद है।
नैनीताल जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार मूसलधार बरसात जारी है। इस वजह से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पहाड़ी और मैदानी काश्तकारों के लिए भी बुरी खबर है कि फसले पूरी तरह से चौपट हो गई हैं मैदानी इलाकों में धान तथा अन्य फसले बरसात के कारण संकट में है वही पहाड़ी इलाकों में फसलों पर बरसात ने बुरा प्रभाव डाला हैं।अगर आंकड़ों की बात करे तो पिछले 24 घंटे में नैनीताल, जिले में रिकार्ड तोड़ बारिश हुई है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में नैनीताल इलाके में 103 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि हल्द्वानी काठगोदाम मैं 95 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है इसके साथ ही कोरिया कुटोली में 122 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई है तथा धारी में 75 मिलीमीटर बरसात हुई इसके साथ ही बेतालघाट मैं भी 84 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है और कालाढूंगी में 59 मिलीमीटर बरसात हुई है इसके अलावा रामनगर मैं सबसे कम 19 मिलीमीटर जबकि मुक्तेश्वर में भी रिकॉर्ड तोड़ 103 मिलीमीटर बरसात हुई।
इसके अलावा सड़कों की बात करें तो लगभग 27 से सड़के जिनमें आंतरिक मार्ग तथा राज्य मार्ग बंदे हैं और जिन में भूस्खलन हुआ है वह सरकारी मशीनरी यानी जेसीबी से इन सड़कों को खुलवाने का काम किया जा रहा है वही नदियों में पानी डिस्चार्ज की बात करें तो गोला नदी में 4843 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है जबकि कोसी बैराज से 6939 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।