नई दिल्ली में एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग तेज होती नजर आई। राजधानी के Jantar Mantar पर “अंकिता भंडारी न्याय यात्रा” के तहत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने एकत्र होकर सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि घटना को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच की दिशा और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे न्याय की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई और कहा कि जब तक सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता Garima Mehra Dasauni ने आरोप लगाया कि जांच पीड़ित परिवार की मूल शिकायत के आधार पर न होकर अन्य प्राथमिकी के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है, जो पूरे मामले को संदिग्ध बनाती है। उन्होंने तथाकथित “वीआईपी” का नाम सार्वजनिक करने और उसकी भूमिका की गहराई से जांच की मांग की। इस दौरान कमला पंत, इंद्रेश मैखुरी, चारु तिवारी समेत उत्तराखंड और दिल्ली के कई प्रवासी लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा नहीं दी गई, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक केस की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में भरोसा कायम रखने की भी है।