ओम राउत द्वारा निर्देशित ‘आदिपुरुष’ पर इन दिनों लगातार बवाल कट रहा है। आम जनता से लेकर फिल्मी सितारों तक सभी फिल्म को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। जहां कई जगहों पर फिल्म निर्माताओं के साथ-साथ कलाकारों को लेकर भी एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, वहीं दूसरी तरफ रामानंद सागर की ‘रामायण’ से जुड़े कलाकार भी मेकर्स और एक्टर्स पर जमकर बरस रहे हैं। ‘आदिपुरुष’ के डायलॉग्स और फिल्म में पात्रों के चित्रण ने फिल्म प्रेमियों और भगवान राम के भक्तों में क्रोध की भावना को जन्म दिया है। इस बीच अब रामानंद सागर की ‘रामायण’ में लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले सुनील लहरी ने ‘आदिपुरुष’ के मेकर्स को फटकार लगाई है।एएनआई से बात करते हुए सुनील लहरी ने ‘आदिपुरुष’ देखने के बाद इसको लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी भी एंगल से फिल्म पसंद नहीं आई। इसमें मुझे सिर्फ दो ही चीजें मुझे पसंद आईं, एक तो बैकग्राउंड म्यूजिक और दूसरी सिनेमैटोग्राफी अच्छी थी, बस। बाकी कैरेक्टराइजेशन से ले के पिक्चराइजेशन तक… इनका कुछ सर पैर नहीं था।
‘उन्होंने आगे इस फिल्म के इरादे और लक्षित दर्शकों पर सवाल उठाया, ‘मुझे नहीं पता बच्चों से लेकर बड़े, जो भी मॉडर्नाइजेशन की बात करते हैं….ये कोई आधुनिक फिल्म नहीं है। किस एंगल से आधुनिक फिल्म है। टैटू बनाने से पिक्चर मॉडर्न हो जाती है क्या? मुझे नहीं पता कि वे क्या कहना चाह रहे थे। मुझे फिल्म से बहुत सारी उम्मीदें थीं।’सुनील लहरी ने खुलासा किया कि उन्होंने फिल्म देखने से पहले इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया था। लेकिन इसे देखने के बाद सुनील को इसके बारे में अपने विचार साझा करने में शर्म महसूस हुई। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अलावा फिल्म देखने वाले बाकी लोग भी फिल्म से उतने ही नाराज थे। इंद्रजीत के साथ भगवान हनुमान के विवादास्पद डायलॉग को देखने के दौरान सुनील ने अपने विचार भी साझा किए और कहा, ‘न केवल एक कलाकार के रूप में, एक इंसान और देश के नागरिक के रूप में, मुझे लगा कि मैं पर्दा फाड़ दू।’सुनील लहरी ने खुलासा किया कि उन्होंने फिल्म देखने से पहले इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया था। लेकिन इसे देखने के बाद सुनील को इसके बारे में अपने विचार साझा करने में शर्म महसूस हुई। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अलावा फिल्म देखने वाले बाकी लोग भी फिल्म से उतने ही नाराज थे। इंद्रजीत के साथ भगवान हनुमान के विवादास्पद डायलॉग को देखने के दौरान सुनील ने अपने विचार भी साझा किए और कहा, ‘न केवल एक कलाकार के रूप में, एक इंसान और देश के नागरिक के रूप में, मुझे लगा कि मैं पर्दा फाड़ दू।’