रक्षाबंधन पर जहां देशभर में भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार मनाया जाता है, वहीं उत्तराखंड के चंपावत में इसी दिन एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। चंपावत के देवीधुरा स्थित मां वाराही धाम में सदियों पुरानी बग्वाल युद्ध की परंपरा आज भी कायम है। मान्यता है कि इस अनोखे युद्ध में चार खामों और सात थोकों के लोग दो दलों में बंटकर एक-दूसरे पर प्रतीकात्मक रूप से वार करते हैं। पहले इस परंपरा में पत्थरों का इस्तेमाल होता था और इतिहास में यहां नरबलि दिए जाने का भी उल्लेख मिलता है।
हालांकि अब समय के साथ बग्वाल के स्वरूप में बदलाव आया है और पत्थरों की जगह फल-फूलों का इस्तेमाल किया जाने लगा है। इस साल 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन देवीधुरा में ऐतिहासिक बग्वाल का आयोजन होगा, जिसके लिए चारों खामों और सात थोकों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सदियों पुरानी इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।