बैंक ऑफ बड़ौदा के निदेशक मंडल ने नैनीताल बैंक लिमिटेड में अपनी बहुमत हिस्सेदारी के विनेवेश को मंजूरी दे दी है….बता दें कि बैंक ऑफ़ बडौदा का नैनीताल बैंक में कुल इक्विटी शेयर पूंजी का 98.57 प्रतिशत हिस्सा है। जिसे अब बैंक ऑफ़ बडौदा ने बेचने कि योजना बनाई है। जिसका नैनीताल बैंक के कर्मचारि विरोध कर रहे हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ओफ़ बडौदा ने नैनीताल बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने कि योजना बनाई है। बैंक ऑफ बडौदा ने इस बैंक के अधिग्रहण के 50 साल बाद हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है….. बैंक ऑफ बडौदा ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि नेदेश्क मंडल ने नैनीताल बैंक लिमिटेड में अपनी बहुमत हिस्सेदारी के विनिवेश्क को मंजूरी दे दी है। बता दें कि बैंक ऑफ बडौदा कि NBL में कुल इक्विटी शेयर पूंजी का 98.57 प्रतिशत हिस्सा है। जानकारी के अनुसार . बैंक ऑफ बडौदा ने हिस्सेदारी खरीदने के लिए इच्छुक पार्टियों को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित करने कि भी योजना बनाई है।
आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश पर मुम्बई स्थित बैंक ऑफ बडौदा ने 1973 में नैनीताल बैंक का अधिग्रहण किया था। नैनीताल बैंक कि शाखाएं उत्तराखंड ,उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा ,और राजस्थान में लगभग 150 शाखाएं हैं। वहीं बैंक ऑफ बडौदा की अपनी हिस्सेदारी बेचने पर नैनीताल बैंक के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया है। बता दें अब नैनीताल बेंक के लगभग 1000 से ज्यादा कर्मचारियों पर रोजी रोटी का संकट मडराने लगा है। उनका कहना है कि वो 100 सालों से इस बैंक हिस्सा हैं और अब इस बैंक को किसी और के हाथों में बेच रहे हैं। नैनीताल बैंक के कर्मचारियों का कहना है कि इस बैंक का विलयकरण होना चाहिए।
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