गुजरात के मोरबी में रविवार शाम को मच्छु नदी पर बना केबल पुल टूटने से एक बड़ा हादसा हो गया…जी हां इस घटना के दौरान पुल के ऊपर खड़े कई लोग नदी में गिर गए…एक रिपोर्ट के मुताबिक इस ब्रिज का रिनोवेशन करने वाली कंपनी ने क्वालिटी चेक से पहले ही ब्रिज को आम आदमी के लिए खोल दिया था…. इस ब्रिज पर हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 141 पहुंच गई है. करीब 177 लोगों को बचा लिया गया है. इस में से 19 लोगों का इलाज चल रहा है…. राहत एवं बचाव कार्य जारी है. सेना, नौसेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड तलाशी अभियान चला रही है.

बता दें की बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ टीम के साथ वायुसेना का विमान राहत कार्यों के लिए रवाना हो गया है…. मिली जानकारी के मुताबिक अब भी 200 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं…. पुलिस ने इस मामले में धारा 304 के तहत शिकायत दर्ज कर ली है….गुजरात राज्य मंत्री भी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. वहीं मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने रविवार को मोरबी पहुंचकर पहले घटन स्थल और फिर अस्पताल में घायलों को मिलकर उनका हाल जाना.
बताया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन कल शाम से जारी है…. मोरबी जिला अस्पताल में लगातार शवों और घायल लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है…. ये जिला अस्पताल की सुबह की तस्वीरें हैं… जिससे साफ पता चल रहा है कि रेस्क्यू टीम द्वारा घायल लोगों को तत्परता के साथ अस्पताल पहुंचाने का काम किया जा रहा है.
140 साल पुराना है ब्रिज
बता दें कि मोरबी का यह केबल सस्पेंशन पुल 140 साल से भी ज्यादा पुराना है…. लंबाई करीब 765 फुट है. ब्रिज का उद्घाटन 1879 में मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था. तब इसकी लागत 3.5 लाख रुपये थी. पुल बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही आया था. काफी समय से ये ब्रिज बंद पड़ा था. ओरेवा कंपनी ने इस पुल की मरम्मत कराने के बाद 26 अक्तूबर को आम जनता के लिए खोला था.