उत्तराखंड की पहली महिला स्पीकर ऋतु खंडूरी विधानसभा चुनाव में कोटद्वार के कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह नेगी को हराकर विधायक चुनी गई थी| रितु खंडूरी प्रदेश की छठी और पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष बनीं हैं। जबकि निर्वाचित विधानसभा की वह पांचवीं स्पीकर बनीं। कोटद्वार से भाजपा विधायक रितु भूषण खंडूरी शनिवार को उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा की अध्यक्ष बन गई। वह निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। सदन में संसदीय कार्यमंत्री की भूमिका में प्रेमचंद अग्रवाल होंगे। बंशीधर भगत ने रितु खंडूरी को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की है ।रितु खंडूरी प्रदेश की छठी और पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष है| प्रेमचंद अग्रवाल, भरत सिंह चौधरी, कैलाश चंद्र गहतोड़ी, सतपाल महाराज, उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, मुन्ना सिंह चौहान, सरिता आर्य, दुर्गेश्वर लाल, चंदन राम दास, प्रमोद नैनवाल, सविता कपूर, महेश जीना, बिशन सिंह, मदन कौशिक व विनोद कंडारी विधानसभा अध्यक्ष पद पर रितु खंडूरी के प्रस्तावक हैं।रितु खंडूरी प्रदेश की छठी और पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष बनीं हैं। अंतरिम सरकार में पहले विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश पंत थे। निर्वाचित सरकार में पहले विधानसभा अध्यक्ष यशपाल आर्य रहे।
पूर्व CM भुवन चंद्र खंडूरी की बेटी हैं ऋतु खंडूरी
उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार है कि कोई महिला प्रदेश की स्पीकर बनने जा रहीं हैं ऋतू उत्तराखंड के पूर्व CM भुवन खंडूरी की बेटी है बता दे पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी की बेटी ऋतु खंडूरी प्रदेश की पहली महिला स्पीकर बनी है वहीं उनको स्पीकर बनाए जाने का फैसला प्रदेश और भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक फैसला रहा है | राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसा होगा कि विधान सभा अध्यक्ष का पद संभालने की जिम्मेदारी किसी महिला को मिली है| ऋतु खंडूरी को विधानसभा चुनाव में भाजपा ने आखिरी समय पर यमकेश्वर सीट से हटाकर कोटद्वार सीट से उम्मीदवार बनाया था| कोटद्वार सीट से जीतकर उन्होनें अपने पिता की हार का बदला लिया और अब वह प्रदेश की पहली महिला स्पीकर बनकर इतिहास रच रहीं है|
प्रदेश की पहली महिला स्पीकर बन रचा इतिहास, मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन है और यह राज्य में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है. मातृशक्ति के रूप में हमें पहली महिला स्पीकर मिली है. हमारी विधानसभा उनके नेतृत्व में प्रगति के नए इतिहास रचेगी. उनको में हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ| राज्य गठन के बाद से विधान सभा अध्यक्ष के पद पर पुरुष ही काबिज रहे हैं. लेकिन पहली बार उत्तराखंड के इतिहास में ऐसा हुआ है जब विधान सभा अध्यक्ष पद संभालने की जिम्मेदारी किसी महिला को मिली है|
Date : 26th March 2022
Penned by Reeta Joshi