जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पिछले 21 दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन आखिरकार प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। आंदोलनकारियों और जिलाधिकारी के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आमरण अनशनकारियों ने जूस पीकर अपना अनशन खत्म किया। बैठक में ऋतु बसंत, बसंत कुमार और स्थानीय ग्रामीणों ने आंदोलन से जुड़ी समस्याओं और मांगों को जिलाधिकारी के सामने विस्तार से रखा। जिलाधिकारी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कुछ दिनों का समय मांगा और आश्वासन दिया कि वह अपने स्तर से समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। साथ ही शासन स्तर पर भी आवश्यक जानकारी लेकर मांगों के निस्तारण की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद तहसीलदार ने आमरण अनशनकारी प्रमोद कुमार और पट्टाधारक नवीन कुमार को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग बंद पड़े ई-रवन्ना पोर्टल को तत्काल दोबारा शुरू करने और माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की है। उनका कहना है कि पोर्टल बंद होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनके वैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है, लेकिन साथ ही साफ कर दिया है कि यह संघर्ष अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यदि तय समय के भीतर उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और ई-रवन्ना पोर्टल दोबारा शुरू नहीं किया जाता, तो वे फिर से धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें प्रशासन के आश्वासन का सम्मान है, लेकिन अब केवल भरोसा नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।