बागेश्वर में करीब 28 करोड़ रुपये के DMF फंड में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर पिछले 12 दिनों से चल रहा कांग्रेस का धरना 13वें दिन स्थगित कर दिया गया। धरना स्थगित करने से पहले प्रदर्शनकारियों और जिला प्रशासन के बीच सकारात्मक बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से भरोसा दिया गया कि DMF फंड में जिन गड़बड़ियों के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से औद्योगिक सचिव को भेजे गए पत्र में DMF Rules, 2017 के नियम 5, 6, 12 और 19(5) के तहत अनियमितताएं पाए जाने का उल्लेख किया गया है और कार्रवाई की मांग की गई है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिलाधिकारी स्तर पर इस मामले में कार्रवाई का अधिकार नहीं है, इसलिए प्रकरण को औद्योगिक सचिव और शासन को भेज दिया गया है। फिलहाल पूरे मामले में आगे की जांच और कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी की ओर से एक महीने का समय मांगा गया है।
वहीं कांग्रेस नेता और अधिवक्ता बसंत कुमार ने कहा कि अगर शासन तय समय के भीतर इस मामले में निर्णय नहीं लेता और एक महीने के अंदर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगला आंदोलन सिर्फ बागेश्वर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देहरादून समेत पूरे प्रदेश में जोरदार तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी बातचीत की जाएगी और जरूरत पड़ने पर इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा। फिलहाल 13वें दिन धरना स्थगित किया गया है, लेकिन कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर शुरू होगा और इस बार इसका दायरा बागेश्वर से बढ़ाकर पूरे प्रदेश तक किया जा सकता है।