उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बीती रात से लगातार बारिश जारी है। बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर बढ़कर खतरे की स्थिति में पहुंच गया है, वहीं भूस्खलन के कारण प्रदेश में दो राज्य मार्ग समेत 91 सड़कें बंद हैं।
सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर बढ़ने से सरुड़ा गांव में पंचायत घर और खोह नदी के किनारे बने मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। लंगूरगाड़ नदी के बढ़ते प्रवाह से सुभाष बाजार वार्ड का कंडवाल मोहल्ला भी प्रभावित होने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
वहीं NH-534 पर कई जगह भूस्खलन होने से यातायात बाधित है। रपटे में भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, अल्मोड़ा में 5, बागेश्वर में 12, चमोली में 15, चंपावत में 1, देहरादून में 7, नैनीताल में 12, पौड़ी में 5, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में 7 और टिहरी व उत्तरकाशी में 8-8 सड़कें बंद हैं।
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।