उत्तराखंड गठन से लेकर अब तक माननीय विधायकों के वेतन में 15 तो भत्तों में 30 गुना तक इजाफा हो चुका है | आमतौर पर राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर सालों तक कंजूसी करती सरकारें आखिर माननीय विधायकों को लेकर अलग नियम से चलती नजर आ रही है | मामला उत्तराखंड राज्य का ही है जहां आरटीआई कार्यकर्ता को विधानसभा सचिवालय से उपलब्ध कराई सूचना में कुछ अहम और चौकाने वाले खुलासे हुए |
जानकारी के मुताबिक काशीपुर से आरटीआई कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को विधानसभा सचिवालय से उपलब्ध कराई सूचना में इन आंकड़ों का खुलासा हुआ है | दरअसल उन्होंने सूचना का अधिकार के तहत विधायकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की जानकारी मांगी थी | विधानसभा सचिवालय की ओर से इस बारे में उन्हें सूचना प्रदान की गई | इस सूचना के अनुसार राज्य गठन के बाद से विधायकों का वेतन 2 हजार से बढ़ा कर 30 हजार, जनसेवा भत्ता 200 से बढ़ाकर दो हजार प्रतिदिन और निर्वाचन क्षेत्र भत्ता पांच हजार से बढ़ कर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है |

सूचना के मुताबिक विधायकों के रेलवे कूपन और डीजल-पेट्रोल भत्ते में भी बढ़ोतरी कई गुना की गई है | राज्य गठन के समय इसकी दर 93 हजार रुपये प्रतिवर्ष थी, जो आज के समय में 2017 से बढ़ाकर 3.55 लाख कर दी गई है | राज्य गठन के समय 200 रुपये मिलने वाले जनसेवा भत्ते को आज 10 गुना बढ़ाते हुए 2000 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है |
राज्य गठन के समय नवंबर 2000 को विधायकों का वेतन 2000 रुपये प्रतिमाह था, लेकिन आज की तारीख में अप्रैल 2017 से बढ़ाकर ये वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह पहुंच गया है | राज्य सरकार के आंकड़ों पर गौर करे तो साल 2021 -22 तक उत्तराखंड राज्य पर लगभग 73 हजार 4 सौ 77 करोड़ का कर्ज हो चुका है | ऐसे में विधायकों के वेतन और भत्तों के इजाफे का बढ़ता ग्राफ ना सिर्फ कई सवाल उठा रहा है, बल्कि राज्य पर लगातार बढ़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर चिंता भी पैदा कर रहा है | प्रदेश साल दर साल बढ़ते कर्ज से छुटकारा पाने में नाकामियाब साबित हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के माननीय मंत्रियों के ठाट बाट में इस बीच कोई कमी नहीं है | आप को जान कर हैरानी होगी कि साल 2000 से 2021 तक हमारे विधायकों के वेतन में 15 गुना और भत्तों में 30 गुना तक इजाफा हो चुका है | दरअसल कर्ज के बोझ के बीच जहां राज्य कर्मचारियों को इन सालों में वेतन में मामूली बढ़ोतरी से ही गुजारा करना पड़ा | वहीं माननीयों के वेतन और भत्तों में किया गया ये इजाफा वाकैई चौकाने वाला है |
इन आंकड़ों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता हैं, कि आमतौर पर कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर कंजूसी करने वाली सरकारें आखिर अपनी बारी आने पर कितनी जागरुकता से नियम से चलाती है |
Date : 29-May-2022
Penned by Reeta Joshi