चमोली की नीती घाटी में भारी बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि चीन सीमा को जोड़ने वाला बैली ब्रिज चंद सेकंड में बह गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि पुल के पास साइट पर काम कर रहा BRO का एक कर्मचारी पानी की चपेट में आने के बाद लापता है। आपदा के दूसरे दिन सुबह करीब 6:30 बजे से चमोली पुलिस, SDRF और NDRF की टीमें तमक क्षेत्र में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी खोज अभियान में मदद के लिए मौके पर पहुंचे हैं।
आज जब नाले का पानी कुछ सामान्य हुआ तो तबाही का मंजर साफ दिखाई दिया। चारों तरफ मलबा ही मलबा है और BRO के वाहन भी मलबे में दबे नजर आ रहे हैं।बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह तेज बारिश के बाद तमक नाला पहली बार उफान पर आया था। पानी पुल तक पहुंचा, लेकिन जलस्तर कम होने के बाद पुल से मलबा हटाकर आवाजाही शुरू करने की कोशिश की गई। इसी बीच शाम करीब 4 बजे नाला दोबारा अचानक उफान पर आ गया। इस बार पानी का वेग इतना तेज था कि बैली ब्रिज बह गया।इस पुल के बहने से नीती घाटी के 12 से ज्यादा सीमांत गांवों के साथ सेना और ITBP की चौकियों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।खास बात ये है कि पिछले साल भी तमक नाले में आए उफान से यहां बना पक्का पुल बह गया था।
इसके बाद ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी आवाजाही कराई जा रही थी। करीब एक महीने पहले ही BRO ने यहां नया बैली ब्रिज तैयार किया था, लेकिन भारी बारिश के बाद आए तेज बहाव ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया।SDM ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ के मुताबिक, ऊपरी क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण तमक नाला अचानक उफान पर आया और पुल बह गया। लापता कर्मचारी की तलाश जारी है और क्षेत्र में आवाजाही जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—लापता BRO कर्मचारी का क्या हुआ?फिलहाल SDRF और NDRF की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।