जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली आतंकी वारदात सामने आई है। आतंकियों ने एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने पहले मजदूरों के नाम पूछे और फिर उन्हें अलग ले जाकर गोलियां चला दीं। इस हमले में छत्तीसगढ़ के रहने वाले 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बोपिंदर (28) को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इस हमले में दो आतंकियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हमलावरों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
इस हमले को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से देख रही हैं, क्योंकि इसकी कार्यप्रणाली पहले नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमलों से मिलती-जुलती बताई जा रही है। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
यह घटना केवल दो प्रवासी मजदूरों पर हमला नहीं, बल्कि घाटी में काम करने वाले हजारों प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। रोज़गार की तलाश में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग जम्मू-कश्मीर आते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को भी प्रभावित करती हैं। फिलहाल सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं और मामले की जांच जारी है।