केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार 25 जुलाई 2026 को सौंपा गया है। प्रह्लाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर (पूर्व में बीजापुर) में हुआ था। प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार पांच बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं और भाजपा के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने हुबली के श्री कदसिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से बी.ए. (बैचलर ऑफ आर्ट्स) की डिग्री हासिल की है। राजनीति में आने से पहले वे लंबे समय तक संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे और भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
प्रह्लाद जोशी कम उम्र से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उसकी विचारधारा से जुड़े रहे हैं। मोदी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकालों में वे संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और ऊर्जा जैसे अहम विभागों की कमान संभाल चुके हैं। प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं, जब NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद और विरोध प्रदर्शन हुए हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करना, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों की चिंताओं का समाधान करना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।