उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक रूप ले लिया है। अगर आप पहाड़ों की यात्रा पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जबकि पहाड़ों से लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, बागेश्वर और आसपास के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी सभी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बारिश का असर पूरे राज्य के सड़क नेटवर्क पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण प्रदेशभर में 115 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक 31 सड़कें पौड़ी गढ़वाल में बंद हैं, जबकि पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, अल्मोड़ा, नैनीताल और देहरादून समेत कई जिलों में भी सड़कें बाधित हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है और जिला प्रशासन, एसडीआरएफ तथा अन्य राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में यदि आप उत्तराखंड के किसी भी पहाड़ी क्षेत्र की यात्रा करने वाले हैं, तो पहले मौसम और सड़क मार्ग की स्थिति की जानकारी जरूर लें, क्योंकि जरा-सी लापरवाही इस समय बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है।
उत्तराखंड में बारिश का कहर: रेड अलर्ट जारी, 115 सड़कें बंद, कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी